Dharmendra Pradhan Resignation : 5 जुलाई 2026 को भारतीय राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान resignation की खबर पूरे देश में फैल गई। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। यह कदम लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन, NEET परीक्षा में पेपर लीक विवाद और विपक्ष के लगातार दबाव के बाद उठाया गया।
Dharmendra Pradhan Resignation की पृष्ठभूमि
धर्मेंद्र प्रधान जुलाई 2021 से केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद पर कार्यरत थे। इससे पहले वे पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, इस्पात और कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों का भी दायित्व संभाल चुके हैं। ओडिशा के सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता के रूप में उनकी राजनीतिक छवि मजबूत मानी जाती रही है।
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हाल के महीनों में NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों ने पूरे शिक्षा तंत्र को घेर लिया। 2024 के बाद 2026 में भी परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की नौबत आई। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे ने दिल्ली के जंतर मंतर पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन को जन्म दिया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) सहित कई छात्र संगठनों ने धर्मेंद्र प्रधान resignation की मांग को अपना मुख्य नारा बनाया।


