80वें Independence Day पर खरगे का पीएम मोदी पर हमला : लाल किले के भाषण को लेकर उठाए सवाल
देश ने 80वां Independence Day मनाया, लेकिन इस मौके पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज रही। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से दिए गए भाषण पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री हर बार लाल किले की प्राचीर से देश की उपलब्धियों का श्रेय लेने की कोशिश करते […]
Nimmi Chaudhary
Published: शनिवार, 15 अगस्त 2026 | 2:51 PM
Reading Time: 6 min read
शेयर करें:
देश ने 80वां Independence Day मनाया, लेकिन इस मौके पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज रही। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से दिए गए भाषण पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री हर बार लाल किले की प्राचीर से देश की उपलब्धियों का श्रेय लेने की कोशिश करते हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे अलग है।
खरगे के इस बयान ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सत्ता और विपक्ष के बीच चल रही राजनीतिक बहस को और गर्म कर दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों, रोजगार, महंगाई और सामाजिक मुद्दों को लेकर भी सवाल उठाए।
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री अपने भाषणों में बार-बार विकास, उपलब्धियों और राष्ट्रीय प्रगति का श्रेय लेते हैं, लेकिन देश के सामने मौजूद गंभीर चुनौतियों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। उनके अनुसार, स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसर पर सरकार को आत्ममुग्धता के बजाय जनता की समस्याओं पर बात करनी चाहिए।
खरगे ने यह भी कहा कि देश में बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याएं और सामाजिक तनाव जैसे मुद्दे लगातार बने हुए हैं। ऐसे में केवल उपलब्धियों का बखान करना पर्याप्त नहीं है।
80वें Independence Day पर खरगे का पीएम मोदी पर हमला : लाल किले के भाषण को लेकर उठाए सवाल
Independence Day 2026 : क्या कहा खरगे ने?
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने बयान में प्रधानमंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार हर चीज का श्रेय खुद लेना चाहती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लाल किले से दिए जाने वाले भाषणों में अक्सर सरकार अपनी उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करती है।
खरगे के मुताबिक, देश की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए केवल मंच से दिए गए भाषणों पर निर्भर नहीं रहा जा सकता। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार को आलोचना सुनने के लिए तैयार रहना चाहिए और विपक्ष के सवालों को भी गंभीरता से लेना चाहिए।
Independence Day पर राजनीतिक संदेश
80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री ने देश को संबोधित किया और विकास, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता तथा राष्ट्रीय एकता जैसे विषयों पर बात की। लेकिन विपक्ष ने इस भाषण को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए।
खरगे का बयान इसी राजनीतिक टकराव का हिस्सा माना जा रहा है। कांग्रेस लंबे समय से केंद्र सरकार पर आरोप लगाती रही है कि वह प्रचार और श्रेय लेने की राजनीति में अधिक और नीतिगत समाधान में कम ध्यान देती है।
विपक्ष की मुख्य आपत्तियां
1. बेरोजगारी: युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार अवसर नहीं बन पाए हैं।
2. महंगाई: आम लोगों पर बढ़ती कीमतों का दबाव बना हुआ है।
3. किसानों की स्थिति: कृषि संकट और लागत बढ़ने की समस्याएं बनी हुई हैं।
4. सामाजिक सौहार्द: विपक्ष का कहना है कि देश में ध्रुवीकरण की राजनीति बढ़ी है।
80वें Independence Day पर खरगे का पीएम मोदी पर हमला : लाल किले के भाषण को लेकर उठाए सवाल
भाषण और राजनीति का पुराना संबंध
लाल किले से प्रधानमंत्री का भाषण हर साल राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र रहता है। यह केवल सरकारी नीतियों का प्रस्तुतीकरण नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश देने का भी मंच बन जाता है। इसी कारण विपक्ष अक्सर इस भाषण की आलोचना करता है और सरकार पर जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाता है।
इस बार भी खरगे ने उसी परंपरा के तहत प्रधानमंत्री के भाषण को निशाने पर लिया। उनका कहना है कि स्वतंत्रता दिवस का अवसर देश की उपलब्धियों के साथ-साथ चुनौतियों पर भी गंभीर चर्चा का होना चाहिए।
खरगे का यह बयान कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक रणनीति का भी संकेत देता है। पार्टी लगातार केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है और जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है। स्वतंत्रता दिवस जैसे अवसर पर दिया गया यह बयान आने वाले राजनीतिक माहौल में विपक्ष की सक्रियता को दर्शाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस नेतृत्व सरकार की छवि को चुनौती देने के लिए ऐसे मौकों का इस्तेमाल कर रहा है, जब देशभर का ध्यान राष्ट्रीय कार्यक्रमों और प्रधानमंत्री के संबोधन पर होता है।
80वें Independence Day पर मल्लिकार्जुन खरगे का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला एक बार फिर यह दिखाता है कि राष्ट्रीय अवसर भी राजनीतिक बहस से अछूते नहीं रहते। लाल किले के भाषण को लेकर उठाए गए सवालों ने सरकार और विपक्ष के बीच जारी टकराव को और स्पष्ट कर दिया है।
खरगे ने जहां सरकार पर श्रेय लेने की राजनीति का आरोप लगाया, वहीं विपक्ष की ओर से जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देने की मांग भी दोहराई गई। आने वाले दिनों में यह बयान राजनीतिक चर्चा का अहम हिस्सा बना रह सकता है।