भारत (India) की रक्षा क्षमता में हाल ही में बड़ी वृद्धि हुई है क्योंकि उसने रूस-निर्मित लंबी दूरी के बमवर्षक विमान का अधिग्रहण किया है, जो लगभग सभी प्रमुख चीनी शहरों तक पहुंच सकता है। यह विमान, जो सामरिक परमाणु संचालन के लिए डिज़ाइन किया गया है, भारत (India) की क्षेत्रीय खतरों के खिलाफ प्रतिक्रिया देने की क्षमता को काफी बढ़ा देता है, खासकर चीन से जुड़े खतरे में। वर्तमान भू-राजनीतिक तनावों को देखते हुए, यह विकास भारत की रक्षा रणनीति में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भारत (India) के लिए रूसी बमवर्षक क्यों है महत्वपूर्ण
रूसी बमवर्षक, जिसकी विस्तृत रेंज और उच्च पेलोड क्षमता के लिए जाना जाता है, परमाणु हथियार ले जा सकता है। यह भारत( India) की परमाणु प्रतिरोध रणनीति को मजबूत करता है। चीन की तेजी से हो रही सैन्य वृद्धि और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आक्रामक स्थिति के चलते, यह बमवर्षक एक प्रभावी संतुलन प्रदान कर सकता है। भारत (India) का रक्षा मंत्रालय अपनी वायु शक्ति को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है ताकि चीन से संभावित खतरों को, विशेष रूप से नियंत्रण रेखा (LAC) पर सीमा विवाद की स्थिति में, रोका जा सके।

रूसी बमवर्षक की क्षमता
यह बमवर्षक लगभग 5,500 किलोमीटर की शक्तिशाली रेंज के साथ आता है, जिसका मतलब है कि यह बिना रीफ्यूलिंग के चीन के प्रमुख शहरों तक पहुंच सकता है। यह पारंपरिक और परमाणु हथियार दोनों ले जाने में सक्षम है, जिससे भारत (India) की रक्षा प्रणाली में यह एक बहुमुखी विकल्प बनता है। इसके स्टील्थ फीचर्स इसे दुश्मन के रडार सिस्टम से बचने में भी सक्षम बनाते हैं, जिससे मिशन के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है।




