भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Education Minister Prahlad Joshi को देश का नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति 25 जुलाई 2026 को हुई, जब पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET पेपर लीक विवाद और छात्र आंदोलनों के दबाव में इस्तीफा दे दिया।
क्यों हुआ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा?
NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक की घटनाओं ने पूरे देश में छात्र समुदाय को नाराज कर दिया था। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) जैसे युवा संगठनों के नेतृत्व में जंतर मंतर पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही की मांग की। इन विरोध प्रदर्शनों के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया।
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Education Minister Prahlad Joshi कौन हैं?
Education Minister Prahlad Joshi कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। वे लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और 2004 से लगातार लोकसभा के सदस्य रहे हैं। पहले वे संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालय संभाल चुके हैं। वर्तमान में वे उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के मंत्री हैं। अब उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
प्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को हुआ था। उन्होंने कर्नाटक विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की है। राजनीति में आने से पहले वे व्यवसायी भी रहे हैं।






