हर साल 1 दिसंबर को मनाया जाने वाला World AIDS Day 2025 HIV/AIDS महामारी के खिलाफ ग्लोबल लड़ाई का प्रतीक है। 1988 से चली आ रही यह परंपरा न केवल उन लाखों लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करती है जो इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं, बल्कि हमें याद दिलाती है कि जागरूकता, रोकथाम और समानता ही इस महामारी को समाप्त करने का रास्ता है। 2025 में, जब हम इस दिवस की ओर बढ़ रहे हैं, तो दुनिया भर में फंडिंग की कमी और सेवाओं में बाधाओं के कारण चुनौतियाँ और भी गंभीर हो गई हैं। लेकिन याद रखें—यह समय हार मानने का नहीं, बल्कि परिवर्तन लाने का है।
World AIDS Day 2025 का थीम: बाधाओं को पार करें, AIDS प्रतिक्रिया को बदलें
World AIDS Day 2025 का ग्लोबल थीम है “Overcoming disruption, transforming the AIDS response” (जिसका हिंदी में मतलब है: “बाधाओं को पार करें, एड्स प्रतिक्रिया को बदलें”)। यह थीम यूएनएड्स (UNAIDS) द्वारा चुनी गई है, जो फंडिंग संकट और कम आय वाले देशों में सेवाओं के व्यवधान पर केंद्रित है। पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय फंडिंग में भारी कटौती हुई है, जिससे LGBTQ+ समुदाय, महिलाओं, लड़कियों और नशीली दवाओं के उपयोगकर्ताओं जैसी कमजोर आबादी प्रभावित हुई है। दंडात्मक कानून और कलंक अभी भी परीक्षण और उपचार के रास्ते में बाधा बने हुए हैं।
इस थीम के तहत, हमें नई सोच अपनानी होगी—परिवर्तनकारी HIV कार्यक्रमों पर जोर देना, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फंडिंग बढ़ाना, कानूनी बाधाओं को हटाना और समुदायों को सशक्त बनाना। अंतरराष्ट्रीय एड्स सोसाइटी (IAS) ने भी एक पूरक थीम अपनाई है: “Rethink. Rebuild. Rise.”, जो 2026 के AIDS सम्मेलन के साथ जुड़ी हुई है। यह हमें बताता है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति और नवाचार से ही 2030 तक एड्स को सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में समाप्त किया जा सकता है।

HIV/AIDS के ग्लोबल आंकड़े : एक चेतावनी और आशा की किरण
2024 के लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में 40.8 मिलियन लोग HIV से ग्रस्त हैं। नए संक्रमणों की संख्या 1.3 मिलियन बनी हुई है, जबकि एड्स से संबंधित मौतें 6,30,000 के आसपास हैं। संयुक्त राष्ट्र के 95-95-95 लक्ष्यों की ओर प्रगति धीमी है: केवल 86% लोग अपना HIV स्टेटस जानते हैं, 89% निदानित व्यक्ति उपचार पर हैं, और 93% उपचार लेने वालों में वायरल लोड दबा हुआ है। यदि हमने 2025-2030 के बीच गति नहीं पकड़ी, तो 73 लाख मौतें और 1.03 करोड़ नए संक्रमण हो सकते हैं।
ये आंकड़े डराने वाले हैं, लेकिन आशा भी जगाते हैं। रोकथाम के उपाय जैसे प्री-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस (PrEP) और एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) ने लाखों जिंदगियों को बचाया है। भारत में भी, राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) के प्रयासों से कवरेज बढ़ा है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों और प्रवासी मजदूरों तक पहुंच अभी भी चुनौतीपूर्ण है।


