Mahakumbh 2025
पौष पूर्णिमा के शुभ अवसर पर सोमवार को Mahakumbh 2025 जिसे पृथ्वी पर सबसे बड़े धार्मिक मेल जोल के रूप में मनाया जाता है, आरंभ हुआ। अनुमान है कि लगभग 1.5 करोड़ (15 मिलियन) श्रद्धालु गंगा, यमुना और काल्पनिक सरस्वती के पवित्र संगम पर पवित्र स्नान करेंगे। इस आयोजन के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
Mahakumbh 2025 : ‘शाही स्नान’ से शुभारंभ
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, यह आयोजन पौष पूर्णिमा के दिन ‘शाही स्नान’ के साथ शुरू हुआ। इस दिन एक दुर्लभ खगोलीय संयोग होता है, जो हर 144 वर्षों में एक बार आता है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में त्रिवेणी संगम पर इस पवित्र अनुष्ठान में भाग लेने के लिए एकत्रित हुए हैं।

Mahakumbh 2025 मेले का समापन प्रमुख स्नान और दिनाँक
Mahakumbh 2025 मेला 26 फरवरी को ख़तम होगा। इस दौरान प्शाही स्नान की तिथि निम्न हैं:
- 14 जनवरी: मकर संक्रांति
- 29 जनवरी: मौनी अमावस्या
- 3 फरवरी: वसंत पंचमी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान
उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ ने Mahakumbh 2025 के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इसे UP और भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सौभाग्य को अनुभव करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया।

नमामि गंगे द्वारा भव्य यज्ञ
महाकुंभ की पूर्व संध्या पर नमामि गंगे टीम ने संगम पर बड़े पैमाने पर यज्ञ का आयोजन किया। इस यज्ञ में 200 से अधिक गंगा सेवादूतों और हजारों अन्य लोगों ने भाग लिया। उन्होंने गंगा की स्वच्छता और प्रवाह को बनाए रखने का संकल्प लिया। इस आयोजन में गंगा स्वच्छता अभियान में योगदान देने वाले भारत के युवाओं को भी सम्मानित किया गया।
सुरक्षा व्यवस्था
Mahakumbh 2025 की शुरुआत के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए NDRF की टीमों और उत्तर प्रदेश पुलिस की जल पुलिस इकाइयों को तैनात किया गया है।


