અખિલેશ શર્મા (વરિષ્ઠ સંવાદદાતા , NDTV, દિલ્હી)
यरूशलेम की नई बिसात: रणनीतिक अस्पष्टता के दौर का अंत
અખિલેશ શર્મા (વરિષ્ઠ સંવાદદાતા , NDTV, દિલ્હી) यरूशलेम की नई बिसात: रणनीतिक अस्पष्टता के दौर का अंत तेज़ी से बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच, 25 फरवरी, 2026 को इजरायल की संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन भारत की विदेश नीति में एक बड़ा बदलाव दिखाता है। हमास को स्पष्ट रूप से एक आतंकवादी संगठन […]

અખિલેશ શર્મા (વરિષ્ઠ સંવાદદાતા , NDTV, દિલ્હી)
यरूशलेम की नई बिसात: रणनीतिक अस्पष्टता के दौर का अंत
तेज़ी से बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच, 25 फरवरी, 2026 को इजरायल की संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन भारत की विदेश नीति में एक बड़ा बदलाव दिखाता है। हमास को स्पष्ट रूप से एक आतंकवादी संगठन घोषित करना और अक्टूबर 2023 के हमलों की “बर्बर” कहकर निंदा करना, भारत की उस पुरानी नीति से पूरी तरह किनारा करना है जहाँ हम मध्य-पूर्व के संकटों पर अक्सर एक खामोश दूरी बनाए रखते थे। “पूर्ण विश्वास” के साथ इज़रायल के पक्ष में खड़े होने का यह फ़ैसला महज़ एक बयान नहीं है, बल्कि यह उस नए भारत की घोषणा है जो अब ऊर्जा के एक ‘निष्क्रिय खरीदार’ से ऊपर उठकर एक अपरिहार्य रणनीतिक और सुरक्षा साझेदार बन चुका है।
यह बदलाव अचानक नहीं आया, बल्कि एक सोची-समझी कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है। जैसा कि हालिया महीनों के घटनाक्रम दिखाते हैं, भारत ने इस पूरे क्षेत्र में एक अद्वितीय और विश्वसनीय संतुलन स्थापित किया है। दिसंबर 2025 में ओमान और जॉर्डन के साथ समुद्री सुरक्षा पर बातचीत और जनवरी 2026 में संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति की भारत यात्रा इस बात का प्रमाण है कि नई दिल्ली का इज़रायल के साथ बढ़ता जुड़ाव किसी अन्य अरब मित्र देश की कीमत पर नहीं है। भारत आज इस क्षेत्र में एक ऐसा निष्पक्ष और भरोसेमंद खिलाड़ी बनकर उभरा है, जिसे पश्चिम एशिया के सभी प्रमुख देश ‘स्थिरता के केंद्र’ के रूप में देखते हैं।
रणनीतिक रूप से यह साझेदारी भारत के लिए एक अनिवार्य रक्षा कवच है। सितंबर 2025 के सऊदी-पाकिस्तान सामरिक रक्षा समझौते ने, जिसने चीन के सहयोग से पाकिस्तान की हवाई क्षमताओं को बढ़ाया, भारत के लिए अपनी सीमाओं को और अधिक अभेद्य बनाना ज़रूरी कर दिया था। इसके जवाब में इज़रायल के साथ ‘आयरन डोम’ और अत्याधुनिक ‘आयरन बीम’ लेज़र सिस्टम का समझौता भारत को न केवल तकनीकी बढ़त देता है, बल्कि हमारे रक्षा पोर्टफोलियो में वह विविधता लाता है जिसकी आज के दौर में सख़्त ज़रूरत है।
इजरायल के लिए भी भारत के साथ यह जुड़ाव किसी वरदान से कम नहीं है। अमेरिकी नीतियों में आते उतार-चढ़ाव और यूरोपीय देशों की बढ़ती सख़्ती के बीच, इज़रायल को एक ऐसे स्थिर और विशाल साझेदार की तलाश थी जो न केवल उसकी तकनीकी का कद्रदान हो, बल्कि उसे वैश्विक स्तर पर अलग-थलग होने से भी बचाए। भारत का विशाल बाज़ार, कुशल कार्यबल और कच्चे माल की उपलब्धता इज़रायल के नवाचारों को एक नई रफ़्तार देती है। यह केवल हथियारों की ख़रीद-फ़रोख्त नहीं, बल्कि मिसाइलों, ड्रोन और आर्टिफ़िशियल इंटेलीजेंस के सह-उत्पादन का एक ऐसा मॉडल है जो भारत को हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बनाने की क्षमता रखता है।
भारत का यह बदला हुआ मिज़ाज वैश्विक व्यवस्था के व्यापक पुनर्गठन का संकेत है। अब दुनिया पुराने वैचारिक गुटों में नहीं, बल्कि ‘लघु-पक्षीय’ गठबंधनों के दौर में प्रवेश कर रही है। भारत और इज़रायल जैसी मध्यम शक्तियाँ अब केवल महाशक्तियों के पीछे चलने वाली ताकतें नहीं रहीं, बल्कि वे खुद अपनी शर्तों पर नए सुरक्षा केंद्र खड़ा कर रही हैं। यह गठबंधन अमेरिका की बदलती प्राथमिकताओं या चीन के आर्थिक दबाव से मुक्त होकर शक्ति का एक नया विकेंद्रीकृत ध्रुव खड़ा कर रहा है।
अंततः, यथार्थवाद और साझा हितों पर आधारित यह ‘रेसिप्रोकल हेजिंग’ दोनों राष्ट्रों को एक अस्थिर अंतरराष्ट्रीय तंत्र के बीच मज़बूती प्रदान करती है। कई पश्चिम एशियाई देशों का प्रधानमंत्री मोदी को अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान देना इस बात की पुष्टि करता है कि भारत अब एक ‘मूक दर्शक’ नहीं, बल्कि वह निर्णायक शक्ति है जो आने वाले दशक की क्षेत्रीय स्थिरता का नया भूगोल लिख रही है।
ગ્રામિણ સંસ્કૃતિસંજય સ્વાતિ ભાવે (Ahmedabad) M- 9879731551 ગાંધી જયંતિ નિમિત્તે બધી શાળાઓએ અપનાવા જેવું પુસ્તક.. ‘અ’અહિંસાનો‘અ’, સંપાદક: કેતન રૂપેરા, પ્રકાશક: સાબરમતી આશ્રમ ટ્રસ્ટ અને પર્યાવરણ શિક્ષણ કેન્દ્ર,પાનાં72, 250 રૂ. ; સંવર્ધિત બીજી આવૃત્તિ જાન્યુઆરી 2024 પ્રાપ્તિસ્થાન: – સાબરમતી આશ્રમ પુસ્તક ભંડાર,ફોન: 079-27557277); – પર્યાવરણ શિક્ષણ કેન્દ્ર,થલતેજ, અમદાવાદ,079-268580002 ; – ‘ગ્રંથવિહાર’ પુસ્તક ભંડાર, ગુજરાતી સાહિત્ય પરિષદ સંકુલ,વેચાણ […]
ગ્રામિણ સંસ્કૃતિનીરવ જોશી, હિંમતનગર (M-7838880134 & 9662412621(WhatsApp) હિંમતનગરના મોતીપુરા ખાતે માનસિકદિવ્યાંગ બાળકોની સંસ્થામાં ગણેશોત્સવનું ભાવભેર સમાપન હિંમતનગરના મોતીપુરા વિસ્તારમાં આવેલી સાબરકાંઠા ચેરીટેબલ ટ્રસ્ટ સંચાલિત માનસિક દિવ્યાંગ બાળકોની સંસ્થા ખાતે તા. 14/09/2026 થી 25/09/2026 સુધી ઉજવાયેલ 10 દિવસીય ગણેશ મહોત્સવનું ભાવભેર સમાપન કરવામાં આવ્યું. *સંસ્થામાં ગણપતિ બાપ્પાની સ્થાપના વહીવટી સંચાલક જીતુભાઈ પટેલ દ્વારા કરવામાં આવી હતી.* સ્થાપના […]
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ગ્રામિણ સંસ્કૃતિસંકલન : નીરવ જોશી, હિંમતનગર (M-9106814540 & 9662412621) પહેલી સપ્ટેમ્બર ના રોજ વિજાપુર પાસે આવેલા સાબરમતીના કિનારે ઉભેલા ઋષિવનના સ્થાપક અને સમગ્ર ગુજરાતમાં નહીં પરંતુ સમગ્ર વિશ્વમાં જાણીતા થયેલા ગ્રીન એમ્બેસેડર એટલે કે પર્યાવરણના સાચા પ્રેમી અને વૃક્ષ નારાયણના ઉપાસક એવા જીતુભાઈ પટેલનો જન્મદિવસ! પર્યાવરણના પૂજક અને અલગારી એવા જીતુભાઈ પટેલની જન્મદિવસની ઉજવણી ખૂબ જ […]