SIR in UP : आजकल उत्तर प्रदेश में चुनावी हलचल तेज हो रही है। चुनाव आयोग की ओर से चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया ने हर मतदाता को अलर्ट पर ला दिया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस प्रक्रिया में एक छोटी सी गलती – जैसे फॉर्म दो बार भरना – आपको कानूनी पचड़े में डाल सकती है? हाल ही में विभिन्न जिलों के जिलाधिकारियों (DM) ने इस मुद्दे पर नजर डालते हुए चेतावनी जारी की है। इसमें हम विस्तार से समझेंगे कि SIR क्या है, दो बार फॉर्म भरने पर क्या हो सकता है, और DM ने क्या कहा है। अगर आप UP के मतदाता हैं, तो यह पोस्ट आपके लिए जरूरी है!
SIR क्या है? क्यों चल रही है यह प्रक्रिया?
SIR का पूरा नाम Special Intensive Revision है, जो मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण है। चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश समेत 12 राज्यों में इसे शुरू किया है ताकि वोटर लिस्ट को 100% सटीक बनाया जा सके। मुख्य उद्देश्य:
- डुप्लिकेट एंट्रीज हटाना।
- नए मतदाताओं को जोड़ना।
- पुरानी या गलत जानकारी को अपडेट करना।

यह प्रक्रिया 4 दिसंबर 2025 तक चलेगी। हर मतदाता को गणना प्रपत्र (Enumeration Form-6) भरना होगा। BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर पहुंचकर फॉर्म बांटेंगे और जमा भी करेंगे। ऑनलाइन चेक करने के लिए voters.eci.gov.in पोर्टल पर जाएं। अच्छी बात यह है कि और भी किसी डाक्यूमेंट्स की जरूरत नहीं – बस आधार, वोटर ID या कोई सरकारी ID काफी है।
दो बार फॉर्म भरने की गलती : क्यों है यह खतरनाक?
सोचिये की, आपका नाम पैतृक गांव और वर्तमान शहर दोनों जगह सूची में है। उत्साह में आप दोनों जगह फॉर्म भर देते हैं। लेकिन यह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act) की धारा 31 के तहत अपराध है! क्यों? क्योंकि यह मतदाता सूची में धोखाधड़ी माना जाता है।
संभावित कार्रवाई क्या हो सकती है?
| अपराध का प्रकार | संभावित सजा | टिप्पणी |
| दोहरी एंट्री (दो जगह फॉर्म भरना) | 1 वर्ष तक कैद, या जुर्माना, या दोनों | चुनाव आयोग का डिजिटल सिस्टम आसानी से पकड़ लेता है। |
| जानबूझकर धोखा देना | FIR दर्ज, कोर्ट ट्रायल | नाम कट सकता है, भविष्य के वोटिंग अधिकार प्रभावित। |
| BLO/ERO को गुमराह करना | जुर्माना + ब्लैकलिस्टिंग | स्थानीय स्तर पर तुरंत नोटिस। |
SIR in UP : चुनाव आयोग का सिस्टम AI-बेस्ड है, जो नाम, पता और आधार नंबर मैच करके डुप्लिकेट को तुरंत फ्लैग कर देता है। 27 अक्टूबर 2025 से मतदाता सूची फ्रीज है, इसलिए केवल वर्तमान निवास स्थान से ही फॉर्म भरें। पैतृक जगह से न भरें!





