Gujarat-Katra Train : अब जम्मू में ट्रेन बदलने का झंझट खत्म, सफर होगा ज्यादा आसान, माता वैष्णो देवी के दरबार जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने बड़ी खुशखबरी दी है। गुजरात के साबरमती से जम्मू-कश्मीर के कटरा तक डायरेक्ट ट्रेन चलने से लाखों श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा। इस नई सुविधा से सिर्फ गुजरात ही नहीं, बल्कि राजस्थान, हरियाणा और पंजाब से आने वाले भक्तों का सफर भी काफी सरल हो जाएगा।
Gujarat-Katra Train : साबरमती-कटरा ट्रेन का पूरा टाइम-टेबल
Gujarat-Katra Train : रेलवे द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, ट्रेन नंबर 19223 को 18 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:27 बजे साबरमती से हरी झंडी दिखाई गई। यह ट्रेन अगले दिन शाम 6:55 बजे श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्टेशन पहुंचेगी। वहीं वापसी में ट्रेन नंबर 19224 की रोजाना सेवा 20 अक्टूबर से शुरू हो रही है। यह गाड़ी कटरा से सुबह 4:50 बजे चलेगी और अगले दिन दोपहर 2:05 बजे साबरमती पहुंचेगी।
पहले साबरमती बीजी – जम्मू तवी एक्सप्रेस सिर्फ जम्मू तक ही जाती थी। अब इसके रूट को कटरा तक बढ़ा दिए जाने से यात्रियों को जम्मू में उतरकर दूसरी ट्रेन पकड़ने की परेशानी से पूरी तरह छुटकारा मिल जाएगा।

सांबा, बड़ी ब्राह्मणा और उधमपुर वालों के लिए भी फायदेमंद
साबरमती से कटरा तक का यह सफर करीब 33 घंटे में पूरा होगा। इस दौरान ट्रेन सांबा, बड़ी ब्राह्मणा और उधमपुर के शहीद कैप्टन तुषार महाजन स्टेशन पर भी रुकेगी। इन नए स्टॉपेज से लोकल यात्रियों, छात्रों, कारोबारियों और आर्मी के जवानों को लंबी दूरी तय करने में काफी आसानी होगी। खासकर बड़ी ब्राह्मणा इंडस्ट्रियल एरिया से जुड़े लोगों के लिए यह ट्रेन काफी मददगार साबित होगी।
धार्मिक टूरिज्म और लोकल रोजगार को मिलेगा सपोर्ट
यह नई रेल सेवा साबरमती को बठिंडा, फिरोजपुर, जालंधर और पठानकोट जैसे बड़े शहरों से होते हुए कटरा से जोड़ेगी। इससे वैष्णो देवी आने वाले यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही टूरिज्म, व्यापार और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए मौके भी बन सकते हैं।
हर साल देश के कोने-कोने से करीब एक करोड़ भक्त माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आते हैं, जिनमें गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब से आने वालों की संख्या काफी ज्यादा होती है। ऐसे में यह सीधी ट्रेन उनके लिए वरदान जैसी है।
नई वंदे भारत ट्रेनों में हाई-टेक सेफ्टी फीचर्स
कवच सिस्टम से लेकर सीसीटीवी तक, सुरक्षा पर खास फोकस
भारतीय रेलवे अब सफर को सिर्फ तेज ही नहीं, बल्कि ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक बनाने पर भी काम कर रहा है। इसी कड़ी में वंदे भारत ट्रेनों में कई आधुनिक तकनीकें जोड़ी गई हैं।

हादसे रोकने में कारगर होगा कवच सिस्टम
वंदे भारत में कवच नाम का ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है। यह खास परिस्थितियों में लोको पायलट को अलर्ट करता है और जरूरत पड़ने पर खुद ही ट्रेन की स्पीड को कंट्रोल कर लेता है। इसके साथ ही यात्रियों की मदद के लिए इमरजेंसी टॉक-बैक बटन और कम्युनिकेशन की सुविधा भी दी गई है।
आग से सुरक्षा और तेज रफ्तार की क्षमता
इन ट्रेनों में आग लगने का पता लगाने और उसे बुझाने के लिए एडवांस फायर सेफ्टी सिस्टम मौजूद है। इनकी डिजाइन स्पीड 180 किमी प्रति घंटा तक है, जबकि ट्रैक की स्थिति के हिसाब से इन्हें 160 किमी प्रति घंटा तक चलाया जा सकता है। लोको पायलट और गार्ड के बीच बेहतर तालमेल के लिए आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम भी लगाया गया है, जिसमें बातचीत रिकॉर्ड करने की सुविधा भी है।
साफ हवा और दिव्यांगों के लिए खास इंतजाम
वंदे भारत की एसी प्रणाली में यूवी-सी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जो हवा में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस को कम करने में मदद करती है। इसके अलावा, सभी कोचों में सीसीटीवी कैमरे, दिव्यांग यात्रियों के लिए अलग शौचालय और कोच की कंडीशन को दूर से मॉनिटर करने वाली प्रणाली जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं।





